पलाश के रंगों सा है, प्रिये तुम्हारा प्रेम
पतझड़ में फागुन लेकर आया है।
#फागुन♥️🧡♥️
Saturday, March 5, 2022
पलाश के रंगों सा
Saturday, February 19, 2022
जो चुप रहे... जज़्बात थे
जो कह दिया...वो बात थी...
जो चुप रहे... जज़्बात थे...!!
Tuesday, February 15, 2022
तुम रात को खर्राटे लेते हो
जब कुछ और न मिला तो उसने यह कह के शादी से मना कर दिया,
तुम रात को खर्राटे लेते हो..😔
Monday, February 14, 2022
दिल अपनी हदें लाँघने
आज फिर लगा दिल अपनी हदें लाँघने,
आज फिर गया था मस्जिद मैं तुझे झांकने।😍😜😂
Wednesday, February 9, 2022
रंजिश उनके झुमकों से
अब तो रंजिश उनके झुमकों से भी है,
जुल्फों से उलझ-उलझ कर चिढ़ा रहे हैं मुझे..!!
Saturday, February 5, 2022
तुम्हारी सुखद स्मृतियों से लिपट कर
तमाम उधेड़बुन चलती रहेगी दिमाग़ में और मन तुम्हारी सुखद स्मृतियों से लिपट कर सो जाएगा;)
पतझड़ में उलझा
मन चाह रहा बसंत;
दिमाग पतझड़ में उलझा है;)
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