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Tuesday, October 13, 2020

इक रोज़ छुआ था तेरे होठों को,

इक रोज़ छुआ था तेरे होठों को,

आज तक उसके निशां बाक़ी हैं.....

Sunday, October 13, 2019

इक रोज़ छुआ था तेरे होठों को,

इक रोज़ छुआ था तेरे होठों को,

आज तक उसके निशां बाक़ी हैं.....