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Thursday, January 28, 2021

प्यार को चाहत की नजरो से देखा,प्यार को उल्फत बना के देखा.

प्यार से दोस्ती करके देखा,प्यार से मोहब्बत कर के देखा .
प्यार को चाहत की नजरो से देखा,प्यार को उल्फत बना के देखा.
न वो दोस्ती है,न वो मोहब्बत,न वो चाहत है,न वो उल्फत.
प्यार दिलो की धड़कन है.शायर की शायरी है.
प्यार इन्सान की दीवानगी है,कवी की कविता है.
प्यार इबादत है,प्यार ही इनायत है.
और प्यार से मह्पूस है ये जहाँ.
प्यार का न कोई रंग,न कोई रूप होता ,प्यार का न कोई वजूद होता,
प्यार का न कोई अपना न कोई पराया होता,