Ek dhundhali si shaam se nikli kuch yaadein.......
लुट गई यूँ सर-ए-बाज़ार वफ़ा की पूँजी, बिक गया वो, किसी लुट गई यूँ सर-ए-बाज़ार वफ़ा की पूँजी, बिक गया वो, किसी मजबूर के जेवर की तरह..🚶🏼♂️🚶🏼♂️ की तरह..🚶🏼♂️🚶🏼♂️