Showing posts with label ज़मीं पथरीली. Show all posts
Showing posts with label ज़मीं पथरीली. Show all posts

Thursday, June 17, 2021

ज़मीं पथरीली

ज़मीं पथरीली है, बेशक़ फूल कम आएँगे,
इश्क बोया है हमने, देखना शाखों पे दिल आएँगें..
🚶🚶🚶🚶