wo kehte the neend ka maza to kabr me aayega,
karke un par yakeen hum aaj bhi ek pal k chain ko tarste hain.
wo kehte the neend ka maza to kabr me aayega,
karke un par yakeen hum aaj bhi ek pal k chain ko tarste hain.
लुट गई यूँ सर-ए-बाज़ार वफ़ा की पूँजी,
बिक गया वो,
किसी लुट गई यूँ सर-ए-बाज़ार वफ़ा की पूँजी,
बिक गया वो,
किसी मजबूर के जेवर की तरह..🚶🏼♂️🚶🏼♂️ की तरह..🚶🏼♂️🚶🏼♂️
🍁कल न हम होंगे न कोई गिला होगा.
सिर्फ सिमटी हुई यादों का सिललिसा होगा.
जो लम्हें हैं चलो हंसकर बिता लें.
जाने कल जिंदगी का क्या फैसला होगा.🍁
"रब" ने नवाजा हमें *जिंदगी* देकर;
और हम *“शौहरत”* मांगते रह गये;
"रब" ने नवाजा हमें *जिंदगी* देकर;
और हम *“शौहरत”* मांगते रह गये;
जिंदगी गुजार दी शौहरत के पीछे;
फिर जीने की *“मौहलत”* मांगते रह गये।
ये समंदर भी तेरी तरह खुदगर्ज़ निकला,
ज़िंदा थे तो तैरने न दिया. और मर गए तो डूबने न दिया
क्या बात करे इस *दुनिया* की
“हर शख्स के अपने *अफसाने* है”
जो सामने है उसे लोग *बुरा* कहते है,
जिसको देखा नहीं उसे सब *“खुदा”* कहते है…;
फिर जीने की *“मौहलत”* मांगते रह गये।
ये समंदर भी तेरी तरह खुदगर्ज़ निकला,
ज़िंदा थे तो तैरने न दिया. और मर गए तो डूबने न दिया
क्या बात करे इस *दुनिया* की
“हर शख्स के अपने *अफसाने* है”
जो सामने है उसे लोग *बुरा* कहते है,
जिसको देखा नहीं उसे सब *“खुदा”* कहते है…
रात सिसकियों में... काटी थी इंतज़ार ने! सुबह.. तेरी आवाज़ की... बूँदें पी कर! "आँखें मूँद लीं"
Ek to mujhse zindagi bewafa hai,
Duja tu mere dil se bewafa hai,
Aur us par bhi bura ye,
Ki main khud se bewafa hoon.....
Ab to Tu hi bata de teri raza kya hai ?
Maine jo socha wo tu karta bhi to nahi.......
Har zurrat se pehle har baar tujhe yaad kiya,
Aur tu hai ki meri sunta bhi to nahi.......